पते की बात
सम्बन्ध
आपस के सम्बन्ध हैं,जैसे 'कार्डियोग्राम '
ऊँचे नीचे यदि रहें ,तो समझो है जान
लाइन अगर सपाट है ,तो फिर लो ये मान
हुए सभी सम्बन्ध मृत ,रही न उनमे जान
घोटू
तेरा-मेरा भेद हुआ कब
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तेरा-मेरा भेद हुआ कब तू सिंधु, मैं बूँद हूँ तेरी तू सूरज मैं किरण
सुनहरी, तू संपूर्ण समष्टि, मैं व्यष्टि तू बोध विशुद्ध हूँ मैं दृष्टि ! तू
व्यापक, मैं तेर...
22 घंटे पहले
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