पते की बात
माँ की महत्ता
भीग कर बारिश में लौटा,एक दिन मै रात में
भाई बोला 'छाता क्यों ना ,ले गये साथ में '
बहन बोली'रूकती जब बरसात तुम आते तभी '
पिता बोले 'पड़ोगे बीमार ,सुधरोगे तभी '
तभी मेरे सर को पोंछा ,माँ ने लाकर तौलिया
गरम प्याला चाय का ,एक बना कर मुझको दिया
'बेटे ,कपडे बदल ले,सर्दी न लग जाए तुझे '
महत्ता माँ की समझ में,आ गयी उस दिन मुझे
घोटू
ज़िंदगी अधूरी तेरे बिन - भाग सात (07)
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ज़िंदगी अधूरी तेरे बिन - भाग सात (07)भाग 7 प्रियंका "श्रेया कैसी है?" ईशानी
ने फोन पर पूछा, जब मैं मेहमानों के सो जाने के बाद सुबह के लिए आटा गूंथ रही
थी। ...
4 घंटे पहले
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