
ज़िंदगी अधूरी तेरे बिन - भाग उनत्तीस (29)
-
ज़िंदगी अधूरी तेरे बिन - भाग उनत्तीस (29)भाग 29 प्रियंका मैं डिनर के बाद
हीटर चालू करके बरामदे में कोक का गिलास लेकर बैठी थी। यह एक शानदार दीपावली
थी - परि...
18 मिनट पहले
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
कृपया अपने बहुमूल्य टिप्पणी के माध्यम से उत्साहवर्धन एवं मार्गदर्शन करें ।
"काव्य का संसार" की ओर से अग्रिम धन्यवाद ।