
ज़िंदगी अधूरी तेरे बिन - भाग चार (04)
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ज़िंदगी अधूरी तेरे बिन - भाग चार (04)अंशुमनमैं घर पहुंचा तो घर में अंधेरा
था। मैंने सोचा कि प्रियंका सो रही होगी। लेकिन वह तो हमेशा मेरे लिए कुछ
लाइटें जलाक...
3 घंटे पहले
जवाब देंहटाएंबहुत खूब ,
भाई जी आभार !!!
हटाएंतभी तो वह सिकंदर कहलाया ...
जवाब देंहटाएंजी कविता जी !!!
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