पते की बात
भगवत उचाव
तू वही करता है जो तू चाहता
मगर होता वही जो मै चाहता
तू वही कर ,जो की मै हूँ चाहता
फिर वही होगा जो है तू चाहता
घोटू
किसी दिन....
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1. *जो कभी भूल जाऊँ मैं-*
भूलते - भूलते
अगर कभी तुम्हें भूल जाऊँ मैं
उस समय को उस पल को दोष नहीं देना
जब पहली बार मिले थे हम तुम!
चाय के उन दो कपों ...
1 दिन पहले
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