आप आये
सर्द मौसम,आप आये
अकेलापन ,आप आये
दुखी था बमन,आप आये
बड़ी तडफन ,आप आये
खिल उठा मन,आप आये
हुई सिहरन,आप आये
मिट गया तम,आप आये
रौशनी बन ,आप आये
खनका आँगन,आप आये
बंधे बंधन,आप आये
बहका ये तन,आप आये
महका जीवन आप आये
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
किसी दिन....
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1. *जो कभी भूल जाऊँ मैं-*
भूलते - भूलते
अगर कभी तुम्हें भूल जाऊँ मैं
उस समय को उस पल को दोष नहीं देना
जब पहली बार मिले थे हम तुम!
चाय के उन दो कपों ...
23 घंटे पहले
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