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सोमवार, 22 जून 2015

योगदिवस और पप्पू जी

        योगदिवस और पप्पू जी
                        १
योगदिवस का देख कर ,जनता में उन्माद
 पप्पू जी झट उड़  लिए ,मम्मीजी के  साथ
मम्मी जी के साथ ,हुई तक़दीर निकम्मी
याद आएगी ,पांच बरस,मम्मी की मम्मी
 पदयात्राएं कर कर ,तन में थकन छा गयी
या इटली की छोरी ,मन को कोई भा गयी
                          २
पप्पू से कहने लगी, मम्मी जी समझाय
पेंतालिस का हो गया ,अब तू कर ले ब्याह
अब तू कर ले ब्याह,बढे  बूढ़े   बतलाते
पड़े बहू के पाँव, बुरे दिन भी फिर जाते
शादी कर तेरा भी भाग्य  बदल सकता है
घोड़ी चढ़,तू कुर्सी पर भी   चढ़  सकता है

घोटू

1 टिप्पणी:

  1. पडे बहू के पाँव बुरे दिन भी फिर जाते,
    सब तो कर के चुके, काश, ये भी कर पाते।

    पर तेेरी ख्याती के अब क्या कहने पप्पू,
    देश जान गया सारा कि तू है बडा निखट्टू।

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