शिकायत
बड़ी बड़ी दावतों में जाना
और जम कर पीना,खाना
तरह तरह के पकवानों का,
लेते लेते स्वाद
आदमी इतना डट कर खा लेता है,
कि खाने पीने के बाद
डकारें लेता है,पेट सहलाता है
घर आते ही बिस्तर पर,
गिरता ,सो जाता है
ये सच है,दावत खाने के बाद,
आदमी किसी भी काम का नहीं रह जाता है
मदन मोहन बहेती'घोटू'
ज़िंदगी अधूरी तेरे बिन - भाग सत्ताईस (27)
-
ज़िंदगी अधूरी तेरे बिन - भाग सत्ताईस (27)भाग 27 प्रियंका जब रंजीत ने मुझे
बताया कि अंशुमन चट्टान के पास दीवार बनाने जा रहा है तो मैं गुस्से मेँ तेजी
से सीढ...
1 दिन पहले



