संकल्प
बहुत कुछ दिया धरती माँ ने,
बदले में हम क्या देते है
बढ़ा रहे है सिर्फ प्रदूषण,
और कचरा फैला देते है
जग हो जगमग,स्वच्छ ,सुगन्धित,
एसे दीप जलाएं हम सब,
पर्यावरण सुधारेंगे हम,
ये संकल्प आज लेते है
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
1493
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*डॉ**. सुरंगमा यादव की कविताएँ*
* 1 यूँ हीं न मिले कुछ *
फलक पर सितारे न यूँ ही सजे हैं
सिफ़र से शिखर तक जमाने लगे हैं
खुशियों का मौसम न यूँ ही मि...
15 घंटे पहले
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