संकल्प
बहुत कुछ दिया धरती माँ ने,
बदले में हम क्या देते है
बढ़ा रहे है सिर्फ प्रदूषण,
और कचरा फैला देते है
जग हो जगमग,स्वच्छ ,सुगन्धित,
एसे दीप जलाएं हम सब,
पर्यावरण सुधारेंगे हम,
ये संकल्प आज लेते है
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
806. क्षणभंगुर जीवन
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क्षणभंगुर जीवन
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कितने बहाने
कितने दलील
सब फ़िज़ूल
ठगाया जीवन।
सोचा समझा
सब बिखरा
आघात मिला
व्यर्थ जीवन।
उपाय नहीं
समझौता सही
नासमझ नहीं
यही जीवन। ...
8 घंटे पहले
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