ओ पाकिस्तानियों सुनलो ,हमारी तो है ये आदत
जो मेहमां बन के आओगे ,तो देंगे हम तुम्हे दावत
अगर घुसपेठिये बन कर ,जो आओगे जेहादी बन ,
तो नेस्तनाबूत कर देंगे, बना देंगे बुरी हालत
घोटू
कुढ़ना और मुस्कुराना
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कुढ़ना और मुस्कुराना ‘कुढ़ना’ यानि मन ही मन उस बात की शिकायत करना जो है ही
नहीं, हुई ही नहीं और हो सकती ही नहीं वाक़ई कितना बेमानी है कुढ़ना और कितना
अर्थव...
17 घंटे पहले
देशभक्ति का जज्बा...
जवाब देंहटाएंबहुत सही
जवाब देंहटाएंपूरी तरह सहमत
dhanywaad
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