गुस्सा या शृंगार
(घोटू के छक्के )
पत्नी अपनी थी तनी,उसे मनाने यार
हमने उनसे कह दिया,गलती से एक बार
गलती से एक बार,लगे है हमको प्यारा
गुस्से में दूना निखरे है रूप तुम्हारा
कह तो दिया,मगर अब घोटू कवी रोवे है
बात बात पर वो जालिम गुस्सा होवे है
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
वंदे मातरम भी अब कानूनी संरक्षण में
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संसद के मानसून सत्र में Prevention of Insults to National Honour Act, 1971
की धारा 3 में संशोधन किया गया है। जिस के अनुसार,
"*यदि कोई व्यक्ति जानबूझक...
17 घंटे पहले
शानदार तरीका है मनाने का | बधाई स्वीकारें |
जवाब देंहटाएंगुस्सा क्यूँ दिलाया ...
जवाब देंहटाएंबहुत बढ़िया नोक-झोंक ....