सपनो के सौदागर से
बहुत जिन्दाबादी के नारे सुने,
अब असली मुद्दों पे आओ जरा
करेंगे ये हम और करेंगे वो हम,
हमें कुछ तो कर के दिखाओ जरा
ये जनता दुखी है,परेशान है,
उसे थोड़ी राहत दिलाओ जरा
ये सुरसा सी बढती चली जारही ,
इस मंहगाई को तुम घटाओ जरा
भाषण से तो पेट भरता नहीं,
खाना मयस्सर कराओ जरा
खरचते थे सौ ,मिलते पंद्रह थे,
नन्यान्वे अब दिलाओ जरा
गरीबों के घर खाली रोटी बहुत,
गरीबों को रोटी खिलाओ जरा
मदन मोहन बाहेती 'घोटू'
केवल अनुबन्ध नहीं है हिन्दू विवाह, नोटरी मह्त्वहीन - मध्य प्रदेश हाई कोर्ट
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए कहा कि
हिंदू विवाह को न तो केवल नोटरी कृत समझौते के आधार पर संपन्न माना जा सकता है
और न ही ऐसे ...
1 दिन पहले
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