खट्टा -मीठा
पत्नी जी बोली मुस्का कर
तुम तो कवि हो मेरे डीयर
अपने मन की परते खोलो
मुझसे कुछ ऐसा तुम बोलो
जिससे मन खुश भी हो जाये
पति बोला क्या बोलूँ प्रियतम
तुम ही तो हो मेरा जीवन
किन्तु मुझे लगता है अक्सर
लानत है ऐसे जीवन पर
घोटू
810. प्यार (10 हाइकु)
-
प्यार
***
1.
रिश्ते प्यार के
गहरे सागर-से
मोती सच्चे-से।
2.
प्यार के नाते
सँवारते रहो तो
कभी न खोते।
3.
कुछ बन्धन
हँस-हँस के जीते
गर प्यार हो। ...
22 घंटे पहले
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