संक्रांति पर
आया सूर्य मकर में ,आये नहीं तुम मगर
पर्व उत्तरायण का आया ,पर दिया न उत्तर
तिल तिल कर दिल जला,खिचड़ी बाल हो गये
और गज़क जैसे हम खस्ता हाल हो गये
अगन लोहड़ी की है तपा रही ,इस तन को
अब आ जाओ ,तड़फ रहा मन,मधुर मिलन को
मकर संक्रांति की शुभ कामनाये
घोटू
सांख्य का तत्त्व ज्ञान
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सांख्य दर्शन मीमांसा
सांख्य दर्शन में लिंग - अलिंग तत्त्व ⤵️
लिंग अर्थात जिनकी पहचान संभव हो और जिनका लय होता हो , जो समयाधीन हों। अलिंग
, जो सनातन है...
1 दिन पहले
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