पसीना बहाना
कितनी नाइंसाफी है
गरीब मेहनत कर पसीना बहाता है,
और अमीर को पसीना बहाने के लिए,
'सोना बाथ'लेना काफी है
बस इतना अंतर है
गरीब जब पसीना बहाता है,
चार पैसे कमाता है
और अमीर पसीना बहाने के लिये,
चार आने लगाता है
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
सत्तरवाँ साल
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*पहले उतरी बालों में चाँदी *
*और फिर उखड़े दो-चार दाँत *
*दुख-सुख की आड़ी-तिरछी सी ,*
*चेहरे पे उतरीं लकीरें तमाम *
*हथेलियों पर उभरीं नीली-नीली नसे...
49 मिनट पहले
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