आजकल हम रोज जिम जाने लगे है
प्यार में हम जिनके पगलाने लगे है
आजकल वो हमसे कतराने लगे है
तहे दिल से उनसे करते है मोहब्बत,
और उनको हम तो दीवाने लगें है
थोड़ी सी अच्छी हुई सेहत हमारी,
कहते है कि हम अब मोटियाने लगे है
दिल मिलाने की कहो तो तिलमिलाते,
आजकल वो नखरे दिखलाने लगे है
पेट या सरदर्द का करके बहाना,
किस तरह भी हम को टरकाने लगे है
दुबले होने डाइटिंग के नाम पर हम,
उबली सब्जी ,टमाटर ,खाने लगे है
'घोटू 'हम स्टीम ,सोना बाथ लेकर,
अपनी चर्बी , थोड़ी छटवाने लगे है
जब से उनने हमको मोटा कह दिया है,
आजकल हम रोज जिम जाने लगे है
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
सागर सी आत्मा
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सागर सी आत्मा दिन-रात सागर में लहरें उठती हैं फेन, बुदबुदे, तरंगें सभी तो
जल हैं !आत्मसिन्धु में वृत्तियाँ भाव, विचार, कल्पनाएँ सभी तो ऊर्जा हैं
!!सागर अपन...
8 घंटे पहले
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