एक बार चख कर तो देखो
मेरे प्रियतम,
शादी के इतने सालों बाद,
कितने बदल गए हो तुम
अक्सर जताते हो कि,
करते हो मुझसे बहुत प्यार
पर आपकी सब बातें है बेकार
जब मेरी तारीफ़ करते हो,
तो कहते हो मै हूँ बड़ी स्वीट
और जब मै पास आती हूँ ,
तो कहते हो तुम्हे है डाईबिटीज
और डाक्टर ने कहा है,
मीठी चीजों से परहेज रखो
पर डियर,एक बार प्रेम से तो चखो
तब तुम्हे हो जायेगा यकीन
कि मीठी ही नहीं, मै हूँ बड़ी नमकीन
एक बार जो स्वाद पाओगे
बार बार खाना चाहोगे
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
सागर सी आत्मा
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सागर सी आत्मा दिन-रात सागर में लहरें उठती हैं फेन, बुदबुदे, तरंगें सभी तो
जल हैं !आत्मसिन्धु में वृत्तियाँ भाव, विचार, कल्पनाएँ सभी तो ऊर्जा हैं
!!सागर अपन...
8 घंटे पहले
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