चोरी की परमिशन
यदुवंशी किशन कन्हैया,
खुद माखन चुराते थे
और साथी ग्वालबालों से,
ये भी कहते जाते थे
तुम भी थोडा माखन चुरा सकते हो,
अपना ही माल है
और जन्माष्टमी के अवसर पर,
एक यदुवंशी नेता ने,
कृष्णजी की याद में,
यदि अपने अफसरों को,
थोड़ी बहुत चोरी करने की परमिशन देदी,
तो फिर क्यों बवाल है?
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
805. वृद्ध का दुःख (10 हाइकु)
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वृद्ध का दुःख
***
1.
वृद्ध की आस
कोई तो हो पास
बाँटें वे दुःख।
2.
वृद्ध का दुःख
मन में समाहित
सोचके हित।
3.
वृद्ध का कोना
रिश्तों की राह ताके
रहता सून...
9 घंटे पहले
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