चोरी की परमिशन
यदुवंशी किशन कन्हैया,
खुद माखन चुराते थे
और साथी ग्वालबालों से,
ये भी कहते जाते थे
तुम भी थोडा माखन चुरा सकते हो,
अपना ही माल है
और जन्माष्टमी के अवसर पर,
एक यदुवंशी नेता ने,
कृष्णजी की याद में,
यदि अपने अफसरों को,
थोड़ी बहुत चोरी करने की परमिशन देदी,
तो फिर क्यों बवाल है?
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
जीवन
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जीवन जीवन एक मधुर सुवास सा चारों ओर बिखरा है मानव ने खोज ली हैं हजार
तरकीबें उससे बचने की वह सरल है, सहज प्राप्य है आदमी जटिल बन गया है एवरेस्ट
पर चढ़ना चा...
2 घंटे पहले
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