एक कदम पीछे हटा कर देखिये
एक कदम पीछे हटा कर देखिये,
मुश्किलें सब खुद ब खुद हट जायेगी
अहम् अपना छोड़ पीछे जो हटे,
आने वाली बलायें टल जायेगी
सामने वाला तो ये समझेगा तुम,
उसके डर के मारे पीछे हट गये
उसको खुश होने दो तुम भी खुश रहो,
दूर तुमसे हो कई संकट गये
अगर तुमको पलट कर के वार भी,
करना है तो पीछे हट करना भला
जितनी ज्यादा पीछे खींचती प्रतंच्या,
तीर उतनी ही गति से है चला
आप पीछे हट रहे यह देख कर,
सामने वाला भी होता बेखबर
वक़्त ये ही सही होता,शत्रु पर,
वार चीते सा करो तुम झपट कर
और यूं भी पीछे हटने से तुम्हे,
सेकड़ों ही फायदे मिल जायेंगे
नज़र जो भी आ रहा ,पीछे हटो,
बहुत सारे नज़ारे दिख जायेंगे
बहुत विस्तृत नजरिया हो जाएगा,
संकुचित जो सोच है,बदलाएगी
एक कदम पीछे हटा कर देखिये,
मुश्किलें सब खुद ब खुद हट जायेगी
मदन मोहन बहेती'घोटू'
अहंकार का भोजन दुख है
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अहंकार का भोजन दुख है माँ की कृपा से कटती माया राग-द्वेष के बंधन
काटे, ऊँची-नीची लहरों में भीसमता का इक कमल खिला दे !सत् चित् आनंद स्वरूप
है मानव ख़ुद का भ...
17 घंटे पहले
एक कदम पीछे हटने के इतने फायदे ...
जवाब देंहटाएंसुंदर प्रस्तुति ....