कार चाहिये
आदमी में होना अच्छे संस्कार चाहिये
प्रेमभाव मन में हो,नहीं विकार चाहिये
बुजुर्गों की करना सेवा ,सत्कार चाहिये
नहीं करना किसी का भी तिरस्कार चाहिये
करना अपने सारे सपने ,जो साकार चाहिये
ईश का वंदन करो यदि चमत्कार चाहिये
मैंने ये सब बातें शिक्षा की जो बेटे से कही,
बेटा बोला ठीक है पर पहले कार चाहिये
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
तेरा-मेरा भेद हुआ कब
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तेरा-मेरा भेद हुआ कब तू सिंधु, मैं बूँद हूँ तेरी तू सूरज मैं किरण
सुनहरी, तू संपूर्ण समष्टि, मैं व्यष्टि तू बोध विशुद्ध हूँ मैं दृष्टि ! तू
व्यापक, मैं तेर...
18 घंटे पहले
आज के जमाने का बेटा है ... सौदा पहले नज़र आता है ... हा हा ...
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