कंसल्टंट(consultant )
जिंदगी की राह में कुछ लोग,
जब मुश्किलों से घिर जाते है
ठोकर खाते है और गिर जाते है
और फिर उठ कर जब खड़े होते है
उनके पास अनुभव बड़े होते है
मैदाने जंग में गिरने वाले शहसवार
जब फिर से होते है घोड़े पर सवार
अनुभवों की धूल से सन जाते है
और कुछ बने न बने,
कंसल्टंट जरूर बन जाते है
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
ज़िंदगी अधूरी तेरे बिन - भाग दस (10)
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ज़िंदगी अधूरी तेरे बिन - भाग दस (10)भाग 10 अंशुमन "वह कैसी है? क्या वह ठीक
है?" मैंने पूछा जब शाश्वत ने मुझे फोन करके बताया कि उसने अपनी माँ से बात की
है।...
1 दिन पहले
बहुत सही..!!!
जवाब देंहटाएंशनिवार 14/07/2012 को आपकी यह पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जाएगी. आपके सुझावों का स्वागत है . धन्यवाद!
जवाब देंहटाएंसही कहा
जवाब देंहटाएंएकदम सही
जवाब देंहटाएंक्या बात है...
जवाब देंहटाएंwah kya baat hai. sahi kaha. waise kavi bhi ban jate hain.
जवाब देंहटाएंबहुत सही सर!
जवाब देंहटाएंसादर
dhaywaad -aapko rachna achchhi lagi
जवाब देंहटाएंghotoo