मन- बसंत
मन बसंत था कल तक जो अब संत हो गया
अभिलाषा ,इच्छाओं का बस अंत हो गया
जब से मेरी ,प्राण प्रिया ने करी ,ठिठौली ,
राम करूं क्या ,बूढा मेरा कंत हो गया
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
उत्तराखंड के तीन शक्ति पीठ
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टिहरी - गढ़वाल (उत्तराखंड) के त्रिकोणी शक्तिपीठ
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शक्तिपीठ
विवरण
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2 मिनट पहले
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