प्रेम रहेगा कैसे मन में
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प्रेम रहेगा कैसे मन मेंजब ना कोई घर में रहता तब चुपके से कान्हा आता, नवनीत
चुरा मटका तोड़े गोपी का हर दुख मिट जाता !द्वार खुला ही छोड़ गई थी निशदिन
उसकी र...
8 घंटे पहले
मधुर भाव लिए सार्थक रचना।बधाई स्वीकार करेँ! आपको मित्रोँ,परिवारजनोँ समेत मंगलमय दीपावली की ढेर सारी शुभकामनायेँ ।
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