प्रेम रहेगा कैसे मन में
-
प्रेम रहेगा कैसे मन मेंजब ना कोई घर में रहता तब चुपके से कान्हा आता, नवनीत
चुरा मटका तोड़े गोपी का हर दुख मिट जाता !द्वार खुला ही छोड़ गई थी निशदिन
उसकी र...
8 घंटे पहले


आप सभी को दीपावली पर मंगलकामनायें!
जवाब देंहटाएंआपकी पोस्ट आज के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है
जवाब देंहटाएंकृपया पधारें
चर्चा मंच-680:चर्चाकार-दिलबाग विर्क
100वीं प्रस्तुति के रूप में बहुत ही सुन्दर और सार्थक रचना | आशा है सबकी दीवाली सुरक्षित और खुशी से गुजर रही है |
जवाब देंहटाएंमै आपकी यह पोस्ट बिलम्ब से पढ पाया हूँ ।
जवाब देंहटाएंसराहनीय है
आपकी पोस्ट सराहनीय है शुभकामनाऐं!!