किसी के सामने भी जो
नहीं झुकता अकडता है
उसे अपने ही जूतों के
सामने झुकना पडता है
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*परदेसी कान्हा**/ **शशि पाधा*
*कैसा उत्सव**, कैसी होली *
*कान्हा तो परदेस ग**ए *
*राधा से पूछें हमजोली*
*लौट आने को क्या कह ग**ए ?*
* भूलके सार...
4 घंटे पहले
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