मरने पर ........
जीते जी तीर्थ न करवाये,
मरने पर संगम जाओगे
भर पेट खिलाया कभी नहीं,
पंडित को श्राद्ध खिलाओगे
बस एक काम ही एसा है,
जो तब भी किया और अब भी किया,
जीते जी बहुत जलाया था,
मरने पर भी तो जलाओगे
मदन मोहन बाहेती 'घोटू'
प्रेम रहेगा कैसे मन में
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प्रेम रहेगा कैसे मन मेंजब ना कोई घर में रहता तब चुपके से कान्हा आता, नवनीत
चुरा मटका तोड़े गोपी का हर दुख मिट जाता !द्वार खुला ही छोड़ गई थी निशदिन
उसकी र...
8 घंटे पहले
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