जमाई जी,आप तो देश के दामाद है
राजाजी के दामाद जी पर किसीने आरोप लगाया
कि उनने अपने संबंधों का अनुचित लाभ उठाया
और जनता को जब इस बारे में समाचार मिलगया
तो सारा राजदरबार हिल गया
दरबार के नवरतन
करने लगे जी तोड़ जतन
इसके पहले कि विरोधी चिल्लाये
दामादजी को इस कलंक से बचाये
और इस प्रयत्न में,
राजाजी की नज़र में भी चढ़ जायें
बयान पर बयान आने लगे
दामाद जी को बचने लगे
राज दरबार के कई मंत्रियों ने अरबों खाया है
दामादजी ने तो थोडा सा कमाया है
दामादों से कहीं लोग पैसे लेते है
लाखों का माल,कोडियों में दे देते है
इतना तो दामादजी का हक बनता है,
इसमें क्या अपराध है
क्योंकि राजाजी का दामाद,
पूरेदेश का दामाद है
घोटू
The Paradox of Fulfillment: Why Attaining One’s Dreams Can Lead Often to
Disappointment Too
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The pursuit of happiness is the defining driving force of human existence,
yet its ultimate destination remains one of life’s greatest paradoxes. We
...
1 दिन पहले
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