जमाई जी,आप तो देश के दामाद है
राजाजी के दामाद जी पर किसीने आरोप लगाया
कि उनने अपने संबंधों का अनुचित लाभ उठाया
और जनता को जब इस बारे में समाचार मिलगया
तो सारा राजदरबार हिल गया
दरबार के नवरतन
करने लगे जी तोड़ जतन
इसके पहले कि विरोधी चिल्लाये
दामादजी को इस कलंक से बचाये
और इस प्रयत्न में,
राजाजी की नज़र में भी चढ़ जायें
बयान पर बयान आने लगे
दामाद जी को बचने लगे
राज दरबार के कई मंत्रियों ने अरबों खाया है
दामादजी ने तो थोडा सा कमाया है
दामादों से कहीं लोग पैसे लेते है
लाखों का माल,कोडियों में दे देते है
इतना तो दामादजी का हक बनता है,
इसमें क्या अपराध है
क्योंकि राजाजी का दामाद,
पूरेदेश का दामाद है
घोटू
796. पाँव तैयार नहीं
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पाँव तैयार नहीं
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राह सामने है, चलने को पाँव तैयार नहीं
खड़े रहने, अड़े रहने को पाँव मददगार नहीं
पाँव ज़ख़्मी हो गए, अब वे ठहरे रहेंगे
न ज़मीन न स्वर्ग की...
3 घंटे पहले
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