जमाई जी,आप तो देश के दामाद है
राजाजी के दामाद जी पर किसीने आरोप लगाया
कि उनने अपने संबंधों का अनुचित लाभ उठाया
और जनता को जब इस बारे में समाचार मिलगया
तो सारा राजदरबार हिल गया
दरबार के नवरतन
करने लगे जी तोड़ जतन
इसके पहले कि विरोधी चिल्लाये
दामादजी को इस कलंक से बचाये
और इस प्रयत्न में,
राजाजी की नज़र में भी चढ़ जायें
बयान पर बयान आने लगे
दामाद जी को बचने लगे
राज दरबार के कई मंत्रियों ने अरबों खाया है
दामादजी ने तो थोडा सा कमाया है
दामादों से कहीं लोग पैसे लेते है
लाखों का माल,कोडियों में दे देते है
इतना तो दामादजी का हक बनता है,
इसमें क्या अपराध है
क्योंकि राजाजी का दामाद,
पूरेदेश का दामाद है
घोटू
1497
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*जन्मों का गठबंधन **/ अनिता ललित*
*बोली मुस्कान, आँसू से,*
*एक दिन आकर** -*
*क्यों आते हो तुम -अँखियों में भर**-**भर**?*
*होकर के मजबूर**, **मैं ...
12 घंटे पहले
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