चुम्बक
तुझे देख पागल हो जाता
तेरी ओर खिंचा मै आता
तुझसे मिलता लपक लपक मै
तुझसे जाता चिपक चिपक मै
नहीं अगाथा मै तुमको तक
पर मै समझ न पाया अबतक
मै लोहा हूँ और तुम चुम्बक
या तुम लोहा और मै चुम्बक
घोटू
कोई न कोई तो बात चलाती है
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किसी को चलाती है ख़ुशी , किसी को सब्र चलाता है ,किसी को ज़िद चलाती है
पी कर के कोई ईंधन जैसे सब चल पड़ते हैं
मुझे मेरा ग़मे-यार चलाता है
कहाँ झुकता...
21 मिनट पहले