तैरना
ये दुनिया,
पानी भरा तालाब है
इसमें तुम जब उतरते हो
डूबने लगते हो
पानी में हाथ पैर मारोगे,
तो बदले में पानी भी,
तुम्हे ऊपर की तरफ उछालेगा
और तुम्हारा ये हाथ पैर मारना ही,
तुम्हे डूबने से बचा लेगा
डर को भगाओगे
तो अपने आप तैरना सीख जाओगे
क्योंकि मुझे,आपको सबको पता है
की मार के आगे भूत भी भागता है
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
कविता
-
उसने अपनी पसंद से शादी की
रंडी कहलायी
बाल कटवाये तो परकटी
जो जीन्स पहन ली
तो रांड शब्द उपहार मिला
उसने साड़ी पहनी जो दिखी नहीं
सूट, बिंदी, चूड...
7 घंटे पहले