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रविवार, 14 अप्रैल 2024

जुल्फें 


कल रात मेरी जुल्फे,रुखसार पर बिखराई


 तारीफ करके कितनी, तुमने उन्हें सराही


 देखा उन्ही बालों को ,जो सुबह दाल में तो,


व्यवहार पिया बदला, खोटी खरी सुनाई


घोटू

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