पते की बात
मुश्किलें
जब भी हो मुश्किल में तुम या परेशां,अवसाद में
खड़े तुम हो जाओ जाकर आईने के सामने
आईने में आपको एक नज़र चेहरा आएगा
कैसे मुश्किल से निकलना ,आपको बतलायेगा
घोटू
मन के पार
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मन के पार मन के पार जाना ही होगा यदि शुद्ध प्रेम का स्वाद लेना है मन दो पर
टिका है यहाँ घृणा चली आती प्रेम के साथशांति के पीछे अशांति संत के पीछे
असंत और ह...
5 घंटे पहले