पसीना बहाना
कितनी नाइंसाफी है
गरीब मेहनत कर पसीना बहाता है,
और अमीर को पसीना बहाने के लिए,
'सोना बाथ'लेना काफी है
बस इतना अंतर है
गरीब जब पसीना बहाता है,
चार पैसे कमाता है
और अमीर पसीना बहाने के लिये,
चार आने लगाता है
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
अहंकार का भोजन दुख है
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अहंकार का भोजन दुख है माँ की कृपा से कटती माया राग-द्वेष के बंधन
काटे, ऊँची-नीची लहरों में भीसमता का इक कमल खिला दे !सत् चित् आनंद स्वरूप
है मानव ख़ुद का भ...
17 घंटे पहले