कार चाहिये
आदमी में होना अच्छे संस्कार चाहिये
प्रेमभाव मन में हो,नहीं विकार चाहिये
बुजुर्गों की करना सेवा ,सत्कार चाहिये
नहीं करना किसी का भी तिरस्कार चाहिये
करना अपने सारे सपने ,जो साकार चाहिये
ईश का वंदन करो यदि चमत्कार चाहिये
मैंने ये सब बातें शिक्षा की जो बेटे से कही,
बेटा बोला ठीक है पर पहले कार चाहिये
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
डायरी
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याद आती है वो एक डायरी जो बचपन की साथी थी जिसके हर पन्ने पर लिखी थीं कुछ
बातें यूं ही अकेले में खुद से कुछ कहते हुए शब्द से शब्द को जोड़ते हुए दिवा
स्वप्नों...
1 दिन पहले