मोइली की मार
बूँद बूँद कर ,भरता है घट,बूँद बूँद कर होता खाली
ऐसी मार,मोइली मारी, एक घोषणा ये कर डाली
आठ आने प्रति लीटर बढ़ेंगी ,डीजल की कीमत हर महीने
तेल कम्पनी,घाटे का घट,घटता जायेगा हर महीने
बूँद बूँद घट ,मंहगाई का ,हर महीने भरता जाएगा
सीमित साधन,जनसाधारण ,क्या पहनेगा,क्या खायेगा
पर सरकारी,लाचारी है,जनता का क्या ख्याल करेंगे
झटका देकर ,ना मारेंगे,बस हर माह,हलाल करेंगे
संकट घट,हर माह भरेगा,भूखा पेट,जेब भी खाली
बूँद बूँद कर ,घट भरता है,बूँद बूँद कर ,होता खाली
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
कोई न कोई तो बात चलाती है
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किसी को चलाती है ख़ुशी , किसी को सब्र चलाता है ,किसी को ज़िद चलाती है
पी कर के कोई ईंधन जैसे सब चल पड़ते हैं
मुझे मेरा ग़मे-यार चलाता है
कहाँ झुकता...
1 घंटे पहले