चीपट-घिसे हुए साबुन की
घिसे हुए साबुन की चीपट,
न पकड़ में आती है,न काम में आती है
या तो यूं ही गल जाती है,
या व्यर्थ फेंकी जाती है
मगर उस घिसी हुई चीपट को,
अगर नए साबुन के साथ चिपका दो,
तो आखरी दम तक काम आती है
बुजुर्ग लोग भी,
घिसे हुए साबुन की चीपट की तरह है,
उम्र भर काम आते है
और बुढ़ापे में,चीपट से क्षीण हो जाते है
नयी पीढियां यदि नए साबुन की तरह,
उन्हें अपने साथ प्यार से चिपका ले,
तो उम्र भर काम आते है
वर्ना चिंताओं से गल जाते हैं,
या फेंक दिए जाते है
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
बच्चों समेत सभी को इन्टरनेट इस्तेमाल का मौलिक अधिकार-सुप्रीम कोर्ट
-
*सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में अक्टूबर 2026 के एक ऐतिहासिक फैसले में स्पष्ट
किया है कि इंटरनेट तक पहुंच और उसका इस्तेमाल करना संविधान के अनुच्छेद 21
(जी...
16 घंटे पहले