1513-फिर भी अपना मुलुक है प्यारा
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*रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’*
*माना भारी धूल धुआँ है*
*भीड़भाड़ है**, **चिल्लपों है*
*हॉर्न गरजते हैं वाहनों के*
*गुत्थम-गुत्था पैदल चलते*
*फिर भ...
4 घंटे पहले
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