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मंगलवार, 18 जून 2013

बरसात

          
        
               
                 बरसात 
जब ना आती ,तो तरसाती,आती,रस बरसाती हो 
रसवन्ती निज बौछारों से ,जीवन को सरसाती हो 
मगर तुम्हारा अधिक प्यार भी,परेशानियाँ लाता है 
जब लगती है झड़ी प्यार की ,तो यह मन उकताता है 
संयम से जो रहे संतुलित ,वही सुहाता है मन को 
पत्नी कहूँ,प्रियतमा बोलूँ ,या बरसात  कहूँ  तुमको 

मदन मोहन बाहेती 'घोटू'

सोमवार, 17 जून 2013

कथनी और करनी

  
      कथनी और करनी 
बड़े जोश से,ये कर देंगे,वो कर देंगे ,कहते थे 
और हमेशा ,बड़े बड़े ,जो  वादे  करते रहते थे 
हमने उन्हे चमन सौंपा था,उसकी रखवाली करने 
लेकिन बेच,फूल और फल वो,अपनी जेब लगे भरने 
हो जाता बर्बाद,सूखता,नूर चमन  सब खोता  है 
खाने लगती बाड़ खेत को,तब एसा ही होता है 
और उस पर ये सितम ,गर्व से,चीख चीख ये बतलाते 
जो कुछ उनने किया उसे ,अपनी उपलब्धी बतलाते 
हमको फिर सत्ता मे लाओ,सस्ता  अन्न तुम्हें देंगे 
पिछली बार खा लिया हमने,अब तुमको खाने देंगे 
बहुत दुखी कर,भरमाया है,इनके गोरखधंधों ने 
लूटा बहुत देश है मेरा,इन  मतलब  के अंधों ने 
अब हम को जो भी करना है,हम कर के दिखला देंगे 
जनता को धोखा देने का,फल तुमको सिखला देंगे 

मदन मोहन बाहेती'घोटू'

डालर का इकोनोमिक्स

    
       डालर  का इकोनॉमिक्स 
जब चुनाव नजदीक आता है ,
डालर का भाव  बढ़ जाता है 
क्योंकि भ्रष्ट राज नेताओं का ,
डालरों मे जमा किया काला धन 
जब विदेशी बेंकों से निकाल कर ,
हवाले से जब हमारे देश मे आता है 
तो चुनाव मे खर्च करने को ,
ज्यादा रुपैया मिल जाता है 
घोटू 

बुढ़ापा

  

     बुढ़ापा- जीवन का संडे 
जीवन भर संधर्ष किया है ,गुजरें है तूफानो से ,
हम मे ऊर्जा भरी हुई है,ये न समझना  ठंडे  है 
दिखने मे बेजान काठ से,दुबले पतले लगते है,
अगर पड़े तो खाल उधेड़े ,हम तो एसे  डंडे  है 
हमको मत कमजोर समझना,देख हमारी काया को,
हमने दुनिया देखी,आते ,हमको सब हथकंडे  है 
ये जीवन,सप्ताह एक है,हमने छह दिन काम किया,
अब आराम बुढ़ापे मे है,ये  जीवन का संडे  है 
'घोटू '
 

फादर'स डे

            फादर'स  डे 
विदेशों का चलन आजकल ,
भारत मे भी बढ़ता जाता है 
एक साल मे एक बार ,
पिताजी का दिन भी आता है 
जिसे लोग फादर'स डे कह कर बुलाते है 
और अपने पिता को,हेप्पी फादर'स डे के,
कार्ड,तोहफे और शुभकामना संदेश भिजवाते है 
बहुत व्यस्त रहते हुये भी कुछ 
समय निकाल कर याद कर लेते है 
शुभकामना संदेश एस एम एस कर देते है 
कोई फोन पर बात करते   है,
कोई  उपहार या कोई फूल भिजवाता है 
और इस तरह बाप का कर्ज चुकाता है  
हमने जब ये बात अपने बेटे से बोली 
तो उसने बड़े गर्व से अपनी जुबान खोली 
कहा बच्चे साल मे कम से कम एक दिन तो,
फादर'स डे मना कर के,
अपने पिता का एहसान चुकाते है 
पर क्या आप कभी,
'सन'स डे' या'डाटर'स डे 'मनाते है ?
हमने कहा हमारा तो हर दिन ही ,
बच्चों का दिन हुआ करता है 
अब तुम्हें क्या बताएं ,
माँ बाप का दिल तो हमेशा,
अपने बच्चों की खुशी की दुआ करता है 

मदन मोहन बाहेती'घोटू' 

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