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शुक्रवार, 24 मई 2013

बूढ़े नेता

          बूढ़े नेता 
        
अक्सर ये देखा है ,
फूल जो गंधहीन होते है ,
ज्यादा समय तक ,
खिले रहते ,टिकते है 
कई तो बारह माह ही विकसते है 
और खुशबू वाले फूल ,जो अपनी सुगंध से ,
वातावरण को महकाते है 
जल्दी से मुरझाते है ,
या तोड़ लिए जाते है 
तो श्रीमान  ,
अब तक तो आप गए होंगे जान 
कि मानवता और संवेदनशीलता की,
खुशबू से विहीन ,हमारे नेता ,
बूढ़े होने पर भी ,सत्ता की टहनी पर ,
क्यों रहते है विराजमान 

मदन मोहन बाहेती 'घोटू' 

गुरुवार, 23 मई 2013

सुरक्षा

                

तपती धूप  और गर्मी में,
गली गली और सड़कों पर ,
घूम घूम वोट मांगने वाले नेताजी ,
जब मंत्री बन गए चुनाव जीत कर 
तो उन्हें अपनी सुरक्षा का ख्याल आया 
और उनकी सुरक्षा के लिए ,
'ब्लेक केट'का एक दस्ता आया 
गली गली जब वोट मांगते  थे तो,
सुरक्षा की उन्हें नहीं थी परवाह 
पर मंत्री  पद पाते ही,
हो गयी है सुरक्षा की चाह 
क्योंकि ,अब वो डरते है बेचारे  
कुर्सी पर बैठ कर किये गए उनके घोटाले 
अगर उजागर हो गए ,
तो जनता उन्हें जूते ना मारे 

मदन मोहन बाहेती' घोटू'  

जनता का ख्याल

       

मंत्री बनते ही ,नेताजी ने कर दिया एलान 
वो जब भी पार्लियामेंट या, किसी आयोजन में जाते है,
तो सुरक्षा के कारणों से ,
सारे रास्ते कर दिए जाते है जाम 
इससे जनता होती है  परेशान  
इसलिए करवाया जाए कोई एसा  इंतजाम 
जिससे जनता न हो परेशान 
अब उनके बंगले में तैनात है एक हेलिकोफ्टर 
जिस पर चढ़ ,वो जाते है इधर उधर 
और आने जाने में ,
ज्यादा समय भी नहीं होता है बेकार 
देखा ,नेताजी को जनता की परेशानी का ,
है कितना ख्याल !

मदन मोहन बाहेती'घोटू'

तलाक़

           
             तलाक़  
एक नेताजी,जो बड़े संस्कारी है 
और जिन्हें कुर्सी बड़ी प्यारी  है 
पूजा पाठ और कर्मकांड में विश्वास रखते है 
(और बड़े बड़े काण्ड करते है )
उन्होंने एक  आयोजन करवाया 
अपने  भरोसे वाले पंडितजी को बुलवाया 
विवाह संस्कार के सारे कर्मकांडो को करवाया 
खुद दूल्हा बने  और,
कुर्सी को दुल्हन बनवाया 
 कुर्सी के साथ विवाह वेदी के सात फेरे भी लिये 
और जनम जनम का साथ निभाने के 
सात वचन भी दिये 
पर बदकिस्मती से ,अगले चुनाव में ,
उनकी पार्टी का सूपड़ा साफ़ हो गया 
और बेचारे नेताजी का,
कुर्सी से तलाक़ हो गया 

मदन मोहन बाहेती'घोटू'

वाटर ऑफ़ गेंजेस

   

जादूगर,अक्सर एक जादू दिखाते रहते है
जिसे वाटर ऑफ़ गेंजेस कहते है
जिसमे जादूगर एक खाली बर्तन दिखाता है
थोड़ी देर में उसमे पानी भर आता है 
वो उसे फिर खाली कर देता है
और जादू से ,थोड़ी देर में फिर भर देता है
इस तरह बर्तन खाली होता और भरता  रहता है
पूरे खेल तक ये सिलसिला चलता रहता है   
माननीय मनमोहनसिंह जी के हाथ
नौ बरस पहले आया था खाली गिलास
उन्होंने जादूगर की तरह उसे पानी से भर दिया
पर कामनवेल्थ गेम के घोटाले ने उसे खाले कर दिया
उन्होंने जादू  से फिर भरा
अबकी बार टू जी के घोटाले ने खाली करा
अगली बार फिर भरा
तो कोल गेट ने खाली करा  
पिछले नौ साल से ये ही सिलसिला चल रहा है
गिलास खाली हो हो कर भर रहा है
गिलास अब भी खाली का खाली है ,
पर कोई बात ना चिंता की है
'वाटर ऑफ़ गेंजेस 'का खेल ख़तम होने में ,
एक बरस बाकी है

मदन मोहन बाहेती'घोटू'

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