दिल्ली -वाणी
गया मौसम चुनावों का,सर्दियाँ हो गयी कम है
कट गया माया का पत्ता, हुई सत्ता मुलायम है
चैन की ली सांस सबने,लोग थोडा मुस्कराये
फाग आया,जिंदगी में,रंग होली ने लगाये
देख लोगों को विहँसता, केंद्र से आवाज़ आई
पांच रूपया ,पेट्रोल के ,दाम बढ़ने को है भाई
झेल भी लोगे इसे तुम,भूल कर के मुस्कराना
याद रखना ,पांच दिन में,बजट भी है हमें लाना
बोझ मंहगाई का इतना,हम सभी पर लाद देंगे
किया तुमने दुखी हमको,दुखी हम तुमको करेंगे
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
वसंत पंचमी
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वसंत पंचमी खिले कुसुम महकी अमराई मधु वासंती पवन बही है, ऋतुराजा का
स्वागत करने क़ुदरत सारी निखर रही है ! सरसों फूली खलिहानों में कण-कण जीवंत
हुआ भू का...
7 घंटे पहले