माँ की मेहरबानियाँ
दूध ,दही,खोया पनीर या 'चीज 'नाम कुछ भी दे दो,
लेकिन अपने मूल रूप में,सिर्फ घास का था तिनका
गौ माता ने मुझको अपना प्यार दिया और अपनाया ,
निज स्तन की धारा से ,निर्माण किया है इस तन का
मुझ से ज्यादा ,क्या जानेगा ,कोई महिमा माता की ,
मै क्या था,माँ की ममता ने,क्या से क्या है बना दिया
दिये पौष्टिक गुण इतने ,भरकर मिठास का मधुर स्वाद ,
मै तो था एक जर्रा केवल,मुझे आसमां बना दिया
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
अनुकम्पा नियुक्ति सदैव स्थायी-इलाहाबाद हाईकोर्ट
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि मृतक
आश्रित कोटे (अनुकम्पा नियुक्ति) के तहत मिलने वाली सरकारी नौकरी हमेशा स्थायी
औ...
4 दिन पहले
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