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मंगलवार, 9 दिसंबर 2025
लो क सं घ र्ष !: स्टालिन और हिटलर में अंतर फिर आप कहते हैं कि स्त...
सोमवार, 3 नवंबर 2025
लंबा जीवन
लंबे से लंबा जीऊं मैं ,यह कोशिश है, बाकी सब ऊपर वाले पर छोड़ दिया है
सुबह-सुबह उठ सैर और व्यायाम कर रहा
खुद को प्राणायाम ध्यान से जोड़ लिया है
खान-पान में प्रतिबंधों का ढेर लगा है, ना मीठा ना तली हुई कुछ चाट पकौड़ी
कई मधुर फल आम और अंगूर, शरीफा केला भी ना और मधुर लीची भी छोड़ी
मेरी अति प्रिय गरम जलेबी और इमरती
अब तो रसगुल्ले खाने पर भी पाबंदी है
कभी-कभी एक छोटा पैग पिया करता था
किंतु आजकल लागू पूर्ण नशाबंदी है
मेरी इसी लालसा ने लंबा जीने की,
मेरी जीवन की शैली को मोड़ दिया है
लंबे से लंबा जीऊं मैं यह कोशिश है
बाकी सब ऊपर वाले पर छोड़ दिया है
कई बार पर मन में द्वंद उठा करता है यह भी कोई जीवन है खाओ ना पियो
करो न कोई मस्ती पिकनिक मौज पार्टी, सिमटे चारदिवारी में बस जीवन जियो
आठ वर्ष तक तड़प तड़प जीने के बदले
चार वर्ष तक मौज मस्ती का जीवन अच्छा
इतने सुख के साधन हैं,उपभोग न करना
ना अपनी मर्जी का खाना पीना अच्छा
लंबे समय बुढ़ापे के दुख नहीं झेल कर,
मैंने मौज मस्ती से जीवन जोड़ लिया है
अब तो हंसी खुशी यह जीवन जीना है,
बाकी सब ऊपर वाले पर छोड़ दिया है
मदन मोहन बाहेती घोटू
शनिवार, 1 नवंबर 2025
गुरुवार, 30 अक्टूबर 2025
रविवार, 26 अक्टूबर 2025
मंगलवार, 21 अक्टूबर 2025
सोमवार, 20 अक्टूबर 2025
शुक्रवार, 10 अक्टूबर 2025
गुरुवार, 9 अक्टूबर 2025
टेंशन
मेरे घर में टेंशन का कुछ काम नहीं
क्योंकि टेंशन है तो फिर आराम नहीं
इसके लिए अटेंशन देना पड़ता है
बात-बात पर ब्लड प्रेशर ना बढ़ता है
छोटी बातें सहज सुलझ जो सकती है
इस जीवन में बड़ी अहमियत रखती है
उनका करो निदान इसलिए जल्दी से
हट जाएगी परेशानियां सब जी से
अगर सवेरे आए नहीं काम वाली
परेशान हो मत दो उसको तुम गाली
परेशानियों को तुम दोगे यूं ही भगा
क्या होगा जो एक दिन पोंछा नहीं लगा
फोन करो स्वीगी को खाना मंगवा लो
मनपसंद खाना होटल का तुम खा लो
पढ़ने में यदि लगता ना मन बच्चों का
तुम टेंशन जो लोगे इससे क्या होगा
उनको इंसेंटिव दो आगे बढ़ने का
शौक उन्हें लग जाए जिससे पढ़ने का
दोस्त तुम्हारे होंगे और कुछ दुश्मन भी
कभी किसी से होगी थोड़ी अनबन भी
कोई हो नाराज खफा तुमसे काफी
होकर निसंकोच मांग लो तुम माफी
एक तुम्हारा शब्द सिर्फ सॉरी कहना
दूर तुम्हें कर देगा टेंशन से रहना
परेशानियां सुख-दुख आते जाते हैं
लोग व्यर्थ ही टेंशन से घबराते हैं
लेते यूं ही बहाना टेंशन करने का
जैसे पत्नी को टेंशन है मरने का
अगर मैं गई पहले टेंशन यह भारी
देखभाल फिर कौन करेगा तुम्हारी
तुम जो पहले गए टेंशन यह होगा
मैं पड़ जाऊं अकेली मेरा क्या होगा
जो भी होनी है तो होगी निश्चय है
तो फिर व्यर्थ तुम्हारे मन में क्यों भय है
चार दिनों का पाया हमने यह जीवन
उसमें भी यदि रहे पालते हम टेंशन
नहीं काटना यह जीवन है रो रो कर
इसीलिए बस हंसो जियो तुम खुश होकर
अगर नहीं जो सर पर पालोगे टेंशन
नहीं मिलेगा तुम्हें उम्र का एक्सटेंशन
मानो मेरी बात, नजरिया तुम बदलो
जीना है जो लंबा ,तो टेंशन मत लो
मदन मोहन बाहेती घोटू
मंगलवार, 7 अक्टूबर 2025
शुक्रवार, 3 अक्टूबर 2025
रावण की पीड़ा
कल रावण मेरे सपने में आया
परेशान था और झल्लाया
बोले में रावण हूं
दुनिया में नंबर वन हूं
मेरे पास अतुलित दौलत है
बाहुबली हूं ,मुझ में ताकत है
कोई मुझसे मेरे हथियारों के कारण डरता है
कोई मुझसे मेरे स्वर्ण भंडारों के कारण डरता है
मेरे वर्चस्व को सब मानते हैं
और जो नहीं मानते मेरी, वे बैर ठानते हैं मैं उन्हें तरह-तरह से करता हूं प्रताड़ित
अपनी पूरी शक्ति से करता हूं दंडित
फिर भी कुछ राम और हनुमान
मेरी धमकियों पर नहीं देते हैं ध्यान
मेरी बातों को करते हैं अनसुना
मैं उन पर टैरिफ लगा देता हूं चौगुना लोग कहते हैं अपने अहम के बहम में पगला गया हूं
पर कुछ दोस्त मेरी बात नहीं सुनते,
मैं उनसे तंग आ गया हूं
उनके देश में गांव-गांव और शहरों में हर साल
मेरे पुतले जलाकर मनाया जाता है दशहरे का त्यौहार
देखो कैसा अमानवीय है उनका व्यवहार पिछले कई सालों से नहीं है यातना भुगतता चला आ रहा हूं
प्रतिशोध की आग में जला जा रहा हूं फिर भी मौन और शांत हूं ,
ना कोई बदला है ना प्रतिकार
अब आप ही बतलाइए ,क्या मैं नहीं हूं शांति के नोबेल प्राइज का हकदार
कई देशों के बीच हो रही थी लड़ाई
मैंने अपने रुदबे से रुकवाई
तो क्या यह नहीं है जाईज
कि मुझे दिया जाए शांति का नोबेल प्राइज
अगर लोग मेरी बात नहीं मानेंगे
मेरे वर्चस्व को नहीं जानेंगे
मैं दुनिया में उथल-पुथल मचा दूंगा
जब तक मुझे शांति का नोबेल पुरस्कार नहीं मिल जाएगा मैं किसी को शांति से जीने नहीं दूंगा
और शांत नहीं बैठूंगा
मदन मोहन बाहेती घोटू
गुरुवार, 25 सितंबर 2025
रविवार, 21 सितंबर 2025
शनिवार, 20 सितंबर 2025
शनिवार, 13 सितंबर 2025
कीर्तन ,माता रानी का
नवरात्रि के नव रूपों में,
भव्य तेरा श्रृंगार
अपने भक्तजनों पर माता,
सदा लुटाती प्यार
तेरी महिमा सब ने जानी
मेरी माता रानी
मुझ पर कर दे मेहरबानी
मेरी माता रानी
जपूं में नाम तेरा दिन रात
चाहिए तेरा आशीर्वाद
मुझे दे चरण चढ़ा परसाद
हमेशा सर पर रखना हाथ
मेरे मन में बसी हुई है
तेरी छवि सुहानी
मुझ पर कर दे मेहरबानी
मेरी माता रानी
तुझको चुनर मै चढ़ाऊ
तुझको टीका मैं लगाऊं
तुझे माला मैं पहनाऊं
तुझपर परसाद चढ़ाऊ
तेरी आरती उतारू
अपना सब कुछ तुझ पर वारूँ
तेरी महिमा जानी मानी
मेरी माता रानी
कर दे मुझ पर मेहरबानी
मेरी माता रानी
तेरी भक्ति की शक्ति का
कैसे करूं बखान
जी करता है माता गाउं
सदा तेरा गुणगान
तेरी शक्ति है निराली
तू है दुर्गा तू है काली
देवी तू है खप्पर वाली
तू ही वैष्णो देवी प्यारी
भक्त निकलते हैं घर घर से
तेरे दर्शन को हैं तरसते
तेरी कृपा दृष्टि है पानी
मेरी माता रानी
कर दे सब पे मेहरबानी
मेरी माता रानी
माता तू सुख शांति दात्री
तुझको पूजूं मै नवरात्रि
अपने घर में, कलश धरूं मैं
पूरे नौ दिन, वरत करूं मैं
श्रद्धा और आस्था भर के
नौ कन्या का पूजन कर के
गाउं आरती सुहानी
मेरी माता रानी
कर दे सब पर मेहरबानी
मेरी माता रानी
मदन मोहन बाहेती घोटू
बुधवार, 10 सितंबर 2025
शनिवार, 6 सितंबर 2025
सोमवार, 1 सितंबर 2025
प्रभु भवसागर से पार करो
हे प्यारे दीनानाथ प्रभो
काटो मेरे सब पाप प्रभो
श्री राम राम श्री कृष्ण कृष्ण
करता मैं हरदम जाप प्रभो
प्रभु जी मेरा उद्धार करो
और भवसागर से पार करो
मैं मोह माया में फंसा हुआ
मैं दुख पीड़ा से डसा हुआ
आया में शरण तिहारी हूं
और तुम्हें नमाता माथ प्रभो
प्रभु जी मेरा उद्धार करो
और भवसागर से पार करो
क्षण क्षण जर्जर होता है तन
दुनियादारी में उलझा मन
मैं भटक रहा हूं इधर-उधर
है अच्छे ना हालात प्रभो
प्रभु जी मेरा उद्धार करो
और भवसागर से पार करो
सब पुण्य पाप जीवन भर के
लाया हूं झोली में भर के
माफ़ी देना ,दंडित करना ,
सब कुछ है तुम्हारे हाथ प्रभो
प्रभु जी मेरा उद्धार करो
और भवसागर से पार करो
मैं भी संतान हूं तुम्हारी
और तेरे प्यार का अधिकारी
मेरे सर रख दो हाथ प्रभो
और दे दो आशीर्वाद प्रभो
प्रभु जी मेरा उद्धार करो
और भवसागर से पार करो
तुम भक्तों के दुख करते हो
और मदद सभी की करते हो
मैं हाथ जोड़कर मांग रहा
दो मुझे मोक्ष सौगात प्रभो
प्रभु जी मेरा उद्धार करो
और भवसागर से पर करो
मदन मोहन बाहेती घोटू