पते की बात
डस्ट बिन
नोट दस रूपये का मुझको ,मिला,मैंने ये कहा ,
इस तरह इतराओ मत ,कागज़ का एक टुकड़ा हो तुम
मुस्कराया नोट बोला ,दोस्त सच कहते हो तुम ,
मगर अब तक नहीं देखी ,मैंने कोई 'डस्ट बिन '
घोटू
भुला दिया है
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भुला दिया है देह एक नाव है मुझ नदी में तैरती हुई जो अनंत काल से, अनंत देश
के पार बह रही है मैं नाव नहीं हूँ, नदी हूँ, पर यह भुला दिया है ! देह एक
घर है म...
1 दिन पहले
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