मंहगाई ने कमर तोड़ दी
हे मनमोहन!कुछ तो सोचो,
तुमने है दिल तोडा
मंहगाई ने कमर तोड़ दी,
नहीं कहीं का छोड़ा
रोज रोज बढ़ते दामों का,
सबको लगता कोड़ा
घोटालों से लूट देश को,
एसा हमें झिंझोड़ा
अब खुदरा व्यापार विदेशी,
हाथों में है छोड़ा
डीजल ने दिल जला दिया है,
सभी चीज का तोडा
और सातवाँ गेस सिलेंडर,
महंगा हुआ निगोड़ा
लंगड़ा लंगड़ा दौड़ रहा,
सूरज का सातवां घोड़ा
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
भुला दिया है
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भुला दिया है देह एक नाव है मुझ नदी में तैरती हुई जो अनंत काल से, अनंत देश
के पार बह रही है मैं नाव नहीं हूँ, नदी हूँ, पर यह भुला दिया है ! देह एक
घर है म...
1 दिन पहले
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