१
पंडित देशीलाल से,मिले विदेशी चंद
हिंदी इंग्लिश के लिए,शुरू हो गया द्वन्द
शुरू हो गया द्वन्द,आई बातों में तेजी
देशी बोले छात्र बिगड़ते पढ़ अंग्रेजी
बचपन से ही जानवरों के नाम पढ़ाते
तो बच्चों में संस्कार पशुओं के आते
२
अंग्रेजी की प्राइमर,चिड़िया खाना एक
A से होता 'एस' है,C से होती 'केट '
C से होती केट,'डोग' होता है D से
F 'फोक्स'G 'गोट',H ,मतलब मुर्गी से
घोटू O से 'ओक्स'और P से 'पिग' सूअर
R 'रेट' और Z 'जेब्रा',सभी जानवर
3
बात विदेशीचंद ने,सुनी लगाकर ध्यान
'क्लीन शेव्ड 'से फेस पर,फ़ैल गयी मुस्कान
फ़ैल गयी मुस्कान,कहा यदि यही सचाई
तो जो आज देश में बड़ी भुखमरी छाई
उसका कारण है बच्चे हिंदी पढ़ते है
पढ़ते कम है,खाने पर ज्यादा मरते है
४
बच्चा जब चालू करे,अपना अक्षर ज्ञान
अ से पढ़े 'अनार'वो,आ से होता 'आम'
आ से होता आम,'ईख 'ई ,इ से 'इमली
और अं से 'अंगूर ,'ककड़ीयां' क से पतली
ख से 'खरबूजा'खाने को जी चाहेगा
खाक पढ़ेगा बच्चा,पेटू हो जाएगा
रचनाकार: मदन मोहन बाहेती'घोटू'
Vishnu Puran - Part 001
-
Vishnu Puran - Part 001A Beautiful Journey into Creation and Divine Love:
Reflections on the Vishnu PuranaWelcome back, dear friends! Today, we are
starti...
13 घंटे पहले
यह तो जबरदस्त विश्लेषण ||
जवाब देंहटाएंपेट भर बधाई घोटू भाई ||
बहुत शानदार रचना |
जवाब देंहटाएंकैसे स्वदेश की रूह चैन पायेगी?
जवाब देंहटाएंकिस नर-नारी को भला नींद आयेगी?...
क्लिक --अमर दोहे
प्रस्तुतकर्ता रविकर पर ८:३८ अपराह्न 4 टिप्पणियाँ
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लेबल: रविकर
हिंदी-अंग्रेजी
१
पंडित देशीलाल से,मिले विदेशी चंद
हिंदी इंग्लिश के लिए,शुरू हो गया द्वन्द
शुरू हो गया द्वन्द,आई बातों में तेजी
देशी बोले छात्र बिगड़ते पढ़ अंग्रेजी
बचपन से ही जानवरों के नाम पढ़ाते
तो बच्चों में संस्कार पशुओं के आते
२
अंग्रेजी की प्राइमर,चिड़िया खाना एक
A से होता 'एस' है,C से होती 'केट '
C से होती केट,'डोग' होता है D से
F 'फोक्स'G 'गोट',H ,मतलब मुर्गी से
घोटू O से 'ओक्स'और P से 'पिग' सूअर
R 'रेट' और Z 'जेब्रा',सभी जानवर
3
बात विदेशीचंद ने,सुनी लगाकर ध्यान
'क्लीन शेव्ड 'से फेस पर,फ़ैल गयी मुस्कान
फ़ैल गयी मुस्कान,कहा यदि यही सचाई
तो जो आज देश में बड़ी भुखमरी छाई
उसका कारण है बच्चे हिंदी पढ़ते है
पढ़ते कम है,खाने पर ज्यादा मरते है
४
बच्चा जब चालू करे,अपना अक्षर ज्ञान
अ से पढ़े 'अनार'वो,आ से होता 'आम'
आ से होता आम,'ईख 'ई ,इ से 'इमली
और अं से 'अंगूर ,'ककड़ीयां' क से पतली
ख से 'खरबूजा'खाने को जी चाहेगा
खाक पढ़ेगा बच्चा,पेटू हो जाएगा
रचनाकार: मदन मोहन बाहेती'घोटू'
भारत भाल की बिंदी हो ,मेरी हिंदी "हिंदी "हो ,
अंग्रेजी की कुंजी हो !
अति उत्तम रचना .आपको बधाई भाई साहब !