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बुधवार, 18 मार्च 2026

आंचल का सुख

मां के आंचल में सोने का 
सुख कितना प्यारा है होता 
क्या उस सुख की अनुभूति 
कर पाएगा मेरा पोता

क्योंकि उसकी मां तो हरदम
जींस टॉप में ही है रहती 
और दूध बोतल में भर कर,
उसको सदा पिलाती रहती 

पेंट टॉप में और गाउन में 
जब छाती ही छुप जाएगी
मां स्तन को नन्ही उंगली
फिर कैसे सहला पाएगी

माँ के आंचल में छुप छुप,
दूर बचा सबकी नजरों से 
उसका दुग्धपान करना वो,
नन्हे से नाजुक अधरों से

वह आनंद उठा पाएगा,
चुप होकर के रोता रोता 
क्या उस सुख की अनुभूति 
पा पाएगा मेरा पोता 

घोटू 

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