पसीना बहाना
कितनी नाइंसाफी है
गरीब मेहनत कर पसीना बहाता है,
और अमीर को पसीना बहाने के लिए,
'सोना बाथ'लेना काफी है
बस इतना अंतर है
गरीब जब पसीना बहाता है,
चार पैसे कमाता है
और अमीर पसीना बहाने के लिये,
चार आने लगाता है
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
किताबें
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किताबें किताबें बहलाती हैं, भरमाती हैं और कभी-कभी गिरते हुए को सम्भालती भी
हैं। किताबें गुदगुदाती हैं, हँसाती है कभी-कभी सच को छिपाकर खेल खिलाती
हैं। किताब...
3 दिन पहले