शिकायत
बड़ी बड़ी दावतों में जाना
और जम कर पीना,खाना
तरह तरह के पकवानों का,
लेते लेते स्वाद
आदमी इतना डट कर खा लेता है,
कि खाने पीने के बाद
डकारें लेता है,पेट सहलाता है
घर आते ही बिस्तर पर,
गिरता ,सो जाता है
ये सच है,दावत खाने के बाद,
आदमी किसी भी काम का नहीं रह जाता है
मदन मोहन बहेती'घोटू'
मंज़िल और रास्ते
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मंज़िल और रास्ते जिसने जाना, जो भी जाना वह कहा नहीं जा सकता जो कहा गया
है वह मार्ग की खबर देता है मंज़िल की नहीं वहाँ तो ख़ुद ही जाना होता है कोई
चल सकता ह...
9 घंटे पहले